कंप्यूटर की पीढ़ीया ? - Generation of Computer in Hindi

Computer का कितना बडा योगदान है हमारी इस डिजीटल दुनिया को आगे बढ़ने के लिए यह तो हम सब जानते हैं क्योंकि कम्प्यूटर के बिना संभव नही है इसलिए कम्प्यूटर के विकास के बारे में भी अपको जानकारी पता होना चाहिए तो आज हम आपको कंप्यूटर के विकास की जानकारी से रूबरू कराने वाले हैं कंप्यूटर की पीढ़ीया ? के बारे मे जानकारी देने वाले हैं Generation of Computer in Hindi तो चलिए अब हम आपको बताते है

कंप्यूटर की पीढ़ीया ? - Generation of Computer in Hindi

आप सभी को तो पता है कि विकास बहुत पहले से चलता आ रहा है और यह विकास अब भी चल रहा है तो अब हम जानने वाले हैं कंप्यूटर की पीढ़ीया ? ( Generation of Computer in Hindi) कम्प्यूटर की सात पीढ़ीया जिनके बारे मैं हम आपको बताएंगे ये को सात पीढ़ीया हैं कंप्यूटर के विकास में आधार पर अलग अलग बाटा गया है तो चलिए फिर जानते हैं 

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कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी ? ( First Generation of Computer )

अगर बात करे हम सबसे पहली पीढ़ी की तो इसकी शुरुआत 1937-1953 के आस पास मानी जाती है कंप्यूटर की पहली पीढ़ी - First Generation of Computer की शुरुआत दो महान वैज्ञानिको J.P. Eckert और J.W. Mauchy के द्वारा कंप्यूटर की पहली पीढ़ी का निर्माण किया था इस पीढ़ी को हम ENIAC यानी (Electronic Numerical Integrator and Computer ) के नाम से जानते हैं यह उस समय का एक इलोट्रिनिक डिजीटल कम्प्यूटर था अब हम जानते हैं कम्प्यूटर के प्रथम पीढ़ी के कुछ नाम IBM-650 , ENIAC , EDVAC , IBM-701 , UNIVAC , सबसे पहली पीढ़ी के जो कम्प्यूटर थे अब आप समझ सकते हैं कुछ इस तरह के थे

उनके आकार बहुत जायदा बढ़े होते थे इनके बढ़े हों का कारण था बो यह था इन कम्प्यूटर मे मेमोरी के लिए Vacuum tube का प्रायोग किया जाता था जिसके कारण इनका आकार अधिक बढ़ा हो जाता था बढ़े होने के कारण ये बिजली का जायदा उपयोग होता था और यह कम्प्यूटर बढ़ी मात्रा मे गर्मी उत्पन्न करते थे कंप्यूटर की पहली पीढ़ी आप समझ सकते हो कुछ इस तरह की रही है 

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कम्प्यूटर की प्रथम पीढ़ी की विशेषताएं 

  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर का आकार और भजन का अधिक होना 
  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर मे प्रोग्रामी भाषा का प्रयोग होने लगा था
  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर मे में एसी का उपयोग होने लगा था 
  • प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर की देख रखे करनी पड़ती थी 
  • यह कम्प्यूटर बहुत महंगे हुआ करते थे 

कम्प्यूटर की दूसरी पीढ़ी ? ( Second Generations of Computer in Hindi )

Computer की दूसरी पीढ़ी की शुरुआत 1956 1963 के आस पास मानी जाती है इस पीढ़ी के कम्प्यूटर के आकार पहली पीढ़ी से थोड़ा कम कर दिया गया है क्युकी प्रथम पीढ़ी के कम्प्यूटर मे वैक्यूम ट्यूब के उपयोग किया गया था लेकिन दूसरी पीढ़ी में Transistor का यूज किया गया है अगर बात करें Transistor का आविष्कार 1947 में वैज्ञानिक William Shockely ने की थी जिसका उपयोग कम्प्यूटर की दूसरी पीढ़ी में किया गया है 

दूसरी कम्प्यूटर की पीढ़ी Technology का प्रयोग कर के कंप्यूटर में Primary और Secondary मेमोरी का यूज होने लगे थे अब कम्प्यूटर पहले के मुकाबले और ज्यादा शक्तिशाली हो गया था कम्प्यूटर के हाई लेवल प्रोग्रामिंग भाषा सपोर्ट करने लगा और तो ओर multiple Programming का प्रयोग होने लगा था तो यह सब था दूसरी पीढ़ी में 

अब हम जानते है कंप्यूटर की दुसरी पीढ़ी के कम्प्यूटर के कुछ नाम IBM 7094 , CDC 1604 , CDC 3000 Series , UNIVAC 1108 , IBM 1400 Series , MARK III तो यह कुछ नाम है कम्प्यूटर की दूसरी पीढ़ी के नाम अब हम जानते हैं कम्प्यूटर के दूसरी पीढ़ी की विशेषताएं तो चलिए फिर जानते हैं

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कम्प्यूटर की दूसरी पीढ़ी की कुछ विशेषताएं

  • पहली पीढ़ी के मुकाबले अब ऊर्जा का कम उपयोग होता है 
  • कोडिंग के लिए AC का प्रयोग अब भी हो रहा है 
  • दूसरी पीढ़ी मै अब Transistor का प्रयोग किया गया है 
  • पहले के मुकाबले दूसरी पीढ़ी में Processing Speed में बढ़ोतरी देखने को मिली है 

कम्प्यूटर की तीसरी पीढ़ी ? (Fourth Generations of Computer in Hindi)

कम्प्यूटर की तीसरी पीढ़ी का आरंभ 1964-1971 के आस पास मानी गई हैं तीसरी पीढ़ी कम्प्यूटर IC यानी Integrated Circuit का प्रयोग किया गया है IC का आविष्कार Jack Kilby ने किया था पहले पीढ़ी के कम्प्यूटर का आकार बहुत बड़ी होता था लेकिन IC के प्रयोग से कम्प्यूटर का आकार छोटा कर दिया था 

पहले पीढ़ी के कम्प्यूटर एक स्थान पर ही रखे रहते थे लेकिन इस का प्रयोग कराने के कम्प्यूटर का आकार भी छोटा हो गया और अब कम्प्यूटर को एक स्थान से दूसरे स्थान आराम से ले जाया जा सकता है ओर उसके साथ साथ हाई लेवल प्रोग्रामिंग में भी सुधार किया है अब हम जानते हैं तीसरी पीढ़ी के कुछ कंप्यूटर्स के नाम जैसे PDP-11 , PDP-8 , ICL 2900 , TDC-B16 , Honeywell 6000 Series , IBM 360 Series , 

Computer की तीसरी पीढ़ी की कुछ विशेषताएं 

  • आकार में भी छोटा हो गया है ओर वजन भी काम हो चूका है 
  • उर्जा का कम उपयोग और IC का प्रयोग 
  • अब ALGOL का प्रयोग किया गया है 
  • PASCAL , BASIC , FORTON , COBOL 
  • अब कार्य में वृद्धि 
  • अब Mouse और Keyboard का इस्तमाल 

कम्प्यूटर की चौथी पीढ़ी ? ( Fourth Generations of Computer in Hindi ) 

अगर बात करें चौथी पीढ़ी के कम्प्यूटर की की तो इनकी शुरुआत 1971 मे हुए हैं 1980 तक मानी गई है इस पीढ़ी मे कार्य क्षमता में भी काफी सुधार आया है क्योंकि IC को और अधिक विकसित किया गया है IC को और ज्यादा इन्हैंस किया गया है ताकि कार्य क्षमता में पहले से ज्यादा सुधार आ सके ICS को हम Very Large Scale Integrated Circuit कहते हैं 

इस पीढ़ी में Micro Processors का प्रयोग किया गया है यह को इस पीढ़ी से Micro Processors वाले कंप्यूटर आम लोगो तक पोचे इस पीढ़ी के कम्प्यूटर में Micro Processors का प्रयोग किया गया था जिसके कारण इनकी स्पीड में भी सुधार आ गया था और यह कम्प्यूटर भी कम दाम में आ गया है इसके द्वारा ही यह संभव हो पाया है आम लोगो तक पोच पाया है 

अब हम आपको चौथी पीढ़ी के कम्प्यूटर के कुछ नाम बताने वाले हैं तो सबसे पहला है IBM 4341 , STAR 1000 , Macintosh , PCs , DEC 10 PUP 11 etc 

कम्प्यूटर की चौथी पीढी की कुछ विशेषताएं 

  • इस पीढ़ी के कम्प्यूटर GUI Based OS पर आधारित है
  • इस पीढ़ी के कम्प्यूटर अधूरा छोटे और हल्के भी हो गए हैं 
  • इस पीढ़ी के कम्प्यूटर में अब इन्टरनेट का प्रयोग भी किया जा सकता है 
  • इस पीढ़ी के कम्प्यूटर में Ac का प्रयोग ना कर के फैन का प्रयोग किया गया है 
  • इस पीढ़ी के कम्प्यूटर में C , C++ जैसे भाषा का प्रयोग भी किया जा सकता है 
  • इस पीढ़ी के कम्प्यूटर VLSI Based Microprocessors पर आधारित है 

कम्प्यूटर की पांचवी पीढ़ी ? ( Fifth Generations of Computer ) 

अगर बात करे कम्प्यूटर की पांचवी पीढ़ी इस पीढ़ी ने बहुत जायदा ग्रो किया है आज जो हम डिवाइस यूज कर रहे हैं बो इसकी वजह से है तो अब हम जानते हैं पांचवी पीढ़ी की समयावधि 1980 है से अब तक मानी जाती है क्योंकि इस पीढ़ी ने सबसे ज्यादा ग्रो किया है ऐसा लगता है की इसे दूसरी पीढ़ी शायद ही कोई आएगी जो डिवाइस हम आज यूज कर रहे हैं बो सब पांचवी पीढ़ी के द्वारा ही हो पाया है

 इस पीढ़ी मे Microprocessors का प्रयोग होने लगा है जो की Ultra Large Scale Integrated Circuit पर आधारित है इस पीढ़ी के कम्प्यूटर की स्पीड में तेजी देखने को मिल है क्योंकि यह Microprocessors पर आधारित है पांचवी पीढ़ी के कम्प्यूटर को लोगो के लायक बनाया जा रहा है जो हर आम से आम इशान इसको यूज कर सके इस पीढ़ी के कम्प्यूटर में Artificial Intelligence का प्रयोग किया जा रहा है इसके द्वारा ही तकनीकों का लगातार विकास हो रहा है आज की पीढ़ी के कम्प्यूटर बहुत छोटे होते जा रहे हैं जिसके द्वारा लोग इस कही भी ले जा सके 

पांचवी पीढ़ी के कम्प्यूटर के कुछ नाम 

  • Laptops
  • Desktop PCs
  • Notebooks
  • Macbooks
  • Chromebooks
  • Ultrabooks

 कम्प्यूटर की पांचवी पीढ़ी की विशेषताएँ

  •  पांचवी पीढ़ी के कम्प्यूटर Microprocessor पर आधारित है 
  •  पांचवी पीढ़ी के कम्प्यूटर भरोसेमंद , हल्के, सस्ते, और फास्ट भी है 
  •  पांचवी पीढ़ी के कम्प्यूटर मे Touchscreen और Multimedia , Web, Voice Control का प्रयोग भी किया जा सकता है के
  •  पांचवी पीढ़ी के ऊर्जा का कम उपयोग किया जाता है 
  •  पांचवी पीढ़ी के 
  • C, C++, Java, .net, ASP जैसे सभी भासा का प्रयोग किया जा सकता है 

अंतिम शब्द 

यह पोस्ट आपको कैसी लगी कॉमेंट द्वारा जरूर बताएं अगर आप का कोई सवाल तो आप उसको भी कॉमेंट द्वारा पूछ सकते हैं हमारे इस ब्लाग पर अपको कम्प्यूटर और इंटरनेट के मिलती जुलती जानकारी हर रोज मिलती रहती है तो हमारे इस ब्लाग के साथ बने रहे मिलते हैं कोई अन्य पोस्ट में 

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